ABOUT GST(CGST,SGST,IGST,UTGST)
GOODS AND SERVICE TAX(GST)
वस्तु एवं सेवा कर
GST की नींव आज सी 20 वर्ष पहले रखी गई थीं , इसके बाद वर्ष 2007 में तत्कालीन भारत सरकार ने 2010 से GST लागू करने का प्रस्ताव रखा था , तथा मार्च 2011 में लोकसभा में इसे पेश किया गया।
दिसंबर 2014 में एक बार फिर से GST विधायक संसद में पेश किया गया , तथा मई 2015 में पारित किया गया। राज्यसभा में मंजूरी मिलने के बाद यह सविधान का 122 वा संसोधन कहलाया। पुरे देश में इसके 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया।
WHAT IS GST :- (GST क्या है )
GST अर्थात वस्तु एव सेवा कर ( Goods & Service Tax ) एक Indirect Tax हैं। यह एक एकीकृत कर Integrated Tax है , जो वस्तुओ एवं सेवाओ देने पर लगया जाता हैं।
GST लागु होने के बाद पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दिल हो गया है और अप्रत्यक्ष कर जैसा केंद्रिये उत्पाद शुल्क (Exise Duty ) सेवा कर (Service Tax) , वैट मनोरंजन कर आदि सभी अप्रत्यक्ष कर सामाप्त होकर GST में समहित हो गया है।
इसके बाद भारत एक सिंगल टैक्स वाली अर्थव्यवस्था बन गया अर्थात देश में वस्तुओं और सेवाओ पर लगने वाले अलग - अलग टैक्स खत्म हो गया है। और फिर नये आंकडो के अनुसार देश के सभी लोग सेवाओ एवं वस्तुओ पर केवल एक ही TAX दे रहें हैं , जिसे GST के नाम से जानते हैं। दुनिया के करीब 165 देशो में GST लागू हैं। नेवजीलैंड में 15% ओस्ट्रिलिया में 10% फ्रांस में 19.6% जर्मनी में 19% तथा पाकिस्तान में 18% की दर से GST लागु है।
GST से पहले भारत के (TAX SYSTEM) में सबसे बड़ा सुधार वर्ष 2005 में किया गया था। तब (Sales Tax) के VAT अर्थात मूल्य निर्धरित कर जो कि एक बाज़ार कर होता है , में बदल दिया गया था। इसके मदद से अलग - अलग चरणों वैट भी टैक्स पर टैक्स लगने वाली व्यवस्था का अंत नहीं कर पाया। वैट उन वस्तुओ पर भी लगता है जिसके (Exice Duty) चुका दी गयी हो , यानि लोगो के Tax पर भी अलग से टैक्स देना पड़ता था।
भारत में टैक्स की वर्तनाम व्यवस्था के अनुसार देश में नियमित होने वाली वस्तुओ की (Manufacturing पर Exice Duty देने पड़ता है और जब ये वस्तुओ बिक्री पर लायी जाती है तो इस पर Sales Tax और VAT अतिरिक़्त लगा जाता है। इसी तरह उपलब्धि करिये गयी सेवाओं पुर लोगों से Service Tax वसूला जाता है , लेकिन GST लागू होने के बाद इन करो का बोझ समाप्त हो गया है।
TYPES OF GST
GST
CGST SGST IGST UT-GST
() संधिया ढांचे को बनाये रखने के लिए GST चार स्तरो पर लगेगा।
1. केन्दीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST)
इस कर के केन्द्र सरकार वसूलेगी। वस्तुओ तथा सेवाओं की राज्य के भीतर ही आपूरित की सिथती में यह टैक्स केन्द्र सरकार को चुकती किया जाता है। फिलहाल (CGST) की दर (SGST) को बराबर ही है , और उसी के साथ ही इसे वसूला भी जाता है।
2. राज्य वास्तु एवं सेवा कर (SGST)
इसका फुल फॉर्म State Goods & Service Tax है। (SGST) भी वस्तुओ और सेवाओं के राज्य के भीतर ही आपूरित की में लगता है।
यानी की अगर किसी राज्य का व्यापार अपने ही राज्य के दूसरे व्यापारी से कोई खरीद करता है तो इस सौदे पुर उस राज्य सरकार को भी (SGST) चुकाना होगा। इस कर को राज्य सरकार वसूलती है।
3. एकाकृत वास्तु एवं सेवा कर (IGST)
एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओ और सेवाओ की बिक्री की स्थिति में यह कर लागेगा।
(IGST) का एक हिस्सा केन्द्र सरकार और दूसर हिस्सा वस्तु या सेवा का उपभोग करने वाले राज्य वाले को प्राप्त होगा।
4. यूनियन टेरिटरी वास्तु एवं सेवा कर (UTGST)
UTGST का फुल फॉर्म यूनियन टेरिटरी गुड्स एंड सर्विस टैक्स है। यूटीजीएसटी तब लागु होता है जब भारत को आपूर्ति क्षेत्रों में वस्तुओ या सेवाओं या दोनों का उपभोग किया जाता है जिसमे अंडमान और निकोबार द्वीप लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल है , जिन्हों भारत के केंद्र ससिल प्रदेश कहा जाता है।
Union Territory List
1. JAMMU & KASHMIR
2. LADHAK
3. CHANDIGARH
4. DELHI
5. DADRA & NAGAR HAVELL AND DAMUN & DIU
6. LAKSHDWEEP
7. ANDAMAN & NIDCOBAR ISLANDS
8. PUNDCHERRY
WHY WAS GST NECESSARY
(GST क्यों आवश्यक है )
भारत का भूतकाल कर ढांचा बहुत ही जटिल था।
भारत संविधान के अनुसार मुख्य रूप से वस्तुओ की बिक्री पुर कर लगने का अधिकार राज्य सरकार तथा वस्तुओ के उत्पादन व सेवाओं पर कर लगने का अधिकार केन्द्र सरकार के अधीन था। इस कारन देश में अलग - अलग प्रकार के कर लागू थे जिससे देश की भूतकाल कर व्यवस्था बहुत ही जटिल हो गयी थी।
कंपनी वा छोटे उपभोग के लिए विभिन प्रकार के कर कानून का पालन करना मुशिकल हो गया था। इस सभी जटिलताओ को खत्म करने के लिए ही GST के लागु किया जाता है।
() प्रत्यक्ष कर (Direct Tax)
वह कर जिससे आपसे जाता है , प्रत्येक्ष कर कहलाती है।
उदहारण :- कृषि कर, समाप्ति कर, व्यवसाय कर , निगम कर , आय कर आदि।
() अप्रत्क्ष कर (Indirect Tax) :-
जिसका मुदिक भार दूसरे पर डाला जाए अर्थात वहिक भार उस व्यक्ति को नहीं देना पड़ता जो उसे अदा करता है ,अप्रत्क्ष कर कहलाता है।
उदहारण :- उतपादन कर , सिमा शुल्क , वैट आदि।
माना कोई वास्तु 100 रूपये में तैयार हुई है और उस वास्तु पर कर लगा 12% जिससे उस वास्तु की किमित हो गयी 112 रूपये। चुकी उस वास्तु के नियम में लगता आया 8 रूपये तो उस वास्तु की कुल कीमत हो गयी 120 रुपया।
माना अब 120 रूपये वाली वास्तु पर 18% टैक्स लगना था। लिकिन यहाँ पर उस वास्तु को कच्चे माल के रूप में पहले ही खरीद ज चूका है , तथा उस वास्तु पर 12% टैक्स पहला ही लगा चूका है, अतः इस वास्तु पर 18% tax नहीं लगा है। 18% से 12% घटकर मात्र 6% ही लगेगा , जिससे वस्तुओ की किमित में पहला की अपेक्षा सिथरत आएगा।
यही है GST का सबसे बड़ा फायदा जो Tax लगने वाली प्रथा को समाप्त क्र दी।
RATE OF TAX
GST RATE
0% 5% 12% 18% 28%
() GST Rate को पांच भागो में विभाजित किया गया है :-
GST की अधिकतम दर 28% है , लगभग 19% वास्तु या ऐसी वास्तु है जिसे पर 28% की दर से GST लागु है , सेवया महगी हो गयी है , लईकिन सेवा को लेकर हर साल इसमें होने वाली भादोत्तरी नहीं होगी।
INPUT & OUTPUT GST
Input on purchase Output on sale
Raw Materials - - Goods Rent - ( SUPPLIER )
Utilities - - Services
Gst on inputs GST on output
=Input Tax =Output Tax
GST paid (i.e,. Input GST) is reversed ( Credited) in the following cases:
i. Purchase Returns.
ii. Goods taken by the propritor.
iii. Goods lost or stolen .
iv. Goods destroyed or become not saleable (written off)
v. Goods distributed as free samples.
vi. Goods given away as gift or charity.
Similarly, Output Gst is Reversed (Debited) in case of sales returns.
Following goods and services are exempt from levy of GST:
i. Payment of wages and salaries.
ii. Supply of services to goverment or to Embassies of other countries.
iii. Electricity and water bills.
iv. Educational servicces.
v. Health services.
STANDARD GST RATE
WHAT IS HSN CODE
HSN: HARMONIZED SYSTEM OF NOMENCLATURE.
HSN कोड सामजस्यपूर्णे सिस्टम नामकरण या हॉर्मोनीज़ेड कमोडिटी विवरण और कोडिंग सिस्टम को संदर्भीता करता है।
यह छह अंको का कोड है जो 5000 से अधिक उतपादो को वभिकृत करता है। ये एक तार्किक सरचना में व्यवस्थित है। एचएसएन (HSN) कोड दुनिया भर में सवीकार किए जाते है। और अच्छी तरह से परिभाषित नियमो द्वारा समर्थित है। इनका उपयोग आयात और नियता में किया जाता है क्योकि अधिकांश देश इन्हे व्यापक रूप से सवीकार करता है। HSN CODE 4-8 अंक लंबा हो सकता है।
जीएसटी (GST) व्यवस्था के तरह बेची जा रही हर वास्तु के सही वर्गीकरण और उन पर लागु होने वाली टैक्स की दर को निश्चित करने के लिए एचएसएन (HSN) कोड बनया गए है।
बेची जाने वाली हर वास्तु का एक अलग कोड तय किया गया है। हर वास्तु पर टैक्स रेट के विवाद से बचने के लिए विभिन वस्तुओ के 5000 बनया गए है।
HSN Code & GST Rate for Covid-19 Goods
PRODUCT HSN CODE GST RATE
Hand Sanitizer(Alcohol-based) 3808 18%
PPE kit 3926 18%
Face Mask 6307 5%
Hand wash 3401 18%
Gloves (Surgical made of rubber) 4015 12%
Gloves (Others) made or rubber 4015 18%
Gloves (Plastic) 3926 18%
Face Shield 3962 18%
Cotton Face Masks 5212 5%
Temperature Check equipment 9025 18%
Ventilator 9019 12%
Tissue paper 4818 18%
Medicament 3004 12%
Hair Nets 6505 18%
Face Cream 3304 28%
STATE CODE LIST UNDER GST
02 Himachal Pradesh 20 Jharkhand
03 Punjab 21 Odisha
04 Chandigarh 22 Chattisgarh
05 Uttrakhand 23 Madhya pradesh
06 Haryana 24 Gujarat
07 Delhi 25 Daman & Diu
08 Rajasthan 26 Darda & Nagar Haveli
09 Uttar Pradesh 27 Maharashtra
10 Bihar 28 Andhra Pradesh
11 Sikkim 29 Karnataka
12 Arunachal Pradesh 30 Goa
13 Nagaland 31 Lakshdweep
14 Manipur 32 Kerala
15 Mizoram 33 Tamil Nadu
16 Tripura 34 Punducherry
17 Meghalaya 35 Telangana
18 37 Andhra Pradesh (New)

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